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Visit of Shri Raja Iqbal Singh ji, Newly Elected Mayor, Delhi

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दिल्ली के नवनिर्वाचित महापौर का  ब्रह्माकुमारीज़ किंग्सवे कैंप, दिल्ली सेवाकेंद्र पर हुआ आगमन
 
      ब्रह्माकुमारीज़ किंग्सवे कैंप, दिल्ली सेवाकेंद्र पर एक दिव्य और भावनात्मक वातावरण में दिल्ली के नव निर्वाचित महापौर श्री राजा इकबाल सिंह जी का भव्य स्वागत किया गया। इस अवसर पर श्री अजय बुद्धिराजा जी (अध्यक्ष, RWA फेडरेशन), श्री ओमप्रकाश अरोड़ा जी (यूबॉन कंपनी के बिजनेस ओनर और वरिष्ठ समाजसेवी) तथा श्री गुलशन नारंग जी ( प्रमुख प्रचारक – RSS, कार्यकर्ता – सेवा भारती ) उपस्थित रहे।
      कार्यक्रम की शुरुआत, हाल ही में हुए पहलगाम हमले के मृतकों व पीड़ितों के परिजनों के प्रति शांति और सहानुभूति हेतु राजयोग मेडिटेशन के साथ की गई। सभी ने गहन मौन साधना द्वारा दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके परिवारों के लिए साहस और शक्ति हेतु सकाश दिया।
 
      इसके उपरांत, बी.के. साधना दीदी ने बुके एवं भावपूर्ण कविता के माध्यम से समस्त अतिथियों का हार्दिक स्वागत किया और परमात्मा शिव का परिचय देते हुए उनकी श्रीमत के अनुसार जीवन को श्रेष्ठ बनाने की प्रेरणा दी तथा भ्राता राजा इकबाल जी के प्रति अपने शुभ संकल्प प्रकट करते हुए कहा, “आप नगर को नई ऊँचाइयों पर ले जाएंगे, ऐसा मेरा गहन विश्वास है। आप परोपकारी वृक्ष के समान हैं, जो फल भी देते हैं और छाया भी। हम सभी बहनें, आपके साथ हैं। हमारा स्वप्न है भारत को पुनः विश्वगुरु बनाना। हम मिलकर अपने एरिया, समाज और सम्पूर्ण भारत देश को ऊंचाई पर ले जाएंगे। बहनों की दुआएं, शुभभावनाएं और शिव बाबा की असीम ब्लेसिंग्स सदा आपके साथ हैं ।” 
 
* माननीय मेयर श्री राजा इकबाल सिंह जी ने अपने संबोधन में सेवाकेंद्र और ब्रह्माकुमारी बहनों की सराहना करते हुए कहा,*”यह बहनें वास्तव में पवित्रता की प्रतिमूर्ति हैं। ये सेवाकेंद्र वह पवित्र द्वार है जो हमें राग-द्वेष, हानि-लाभ जैसी दुनिया की अशुद्धियों से परे ले जाकर परमात्म अनुभूति और शक्ति की ओर ले जाता है। बाहर की दुनिया में स्वार्थ, प्रतिस्पर्धा और द्वेष है, लेकिन इस ईश्वरीय स्थान पर केवल निर्मलता, शुभभावना और पवित्रता है। साथ ही उन्होंने अपने पद की जिम्मेदारियां को निष्ठा एवं ईमानदारी पूर्वक निभाने के लिए भी संकल्प लिया।
 
बीके साधना दीदी जी के प्रति अपना आभार प्रकट करते हुए उन्होंने कहा, “साधना दीदी स्वयं साधना में स्थिर रहती हैं और ऐसे अनेकों साधकों को गढ़ रही हैं। दीदी का कार्य वास्तव में वंदनीय है। मैं उनके प्रति दिल से धन्यवाद प्रकट करता हूँ । दीदी मेरे लिए सच्ची प्रेरणा का स्रोत हैं। दीदी का हर एक शब्द मेरे लिए मार्गदर्शन जैसा है। मुझे ऐसा लगता है जैसे ईश्वर ने मुझे यहां, सशक्त बनने के लिए भेजा है।
 
   *श्री अजय बुद्धिराजा जी (अध्यक्ष, RWA फेडरेशन) ने अपने भावपूर्ण उद्बोधन में कहा, “आज का कार्यक्रम हमारे क्षेत्र में एक ऐसे प्रांगण में हो रहा है, जो शुद्धता का पर्यायवाची है। प्रदूषण से भरी दुनिया में यदि कहीं *स्वच्छता और निर्मलता का अनुभव* होता है, तो वह इस सेवा केंद्र के प्रांगण में होता है। यह स्थान हमारे पूरे क्षेत्र के लिए गर्व की अनुभूति का केंद्र है। यहां आकर मन को अद्भुत शांति मिलती है। भागदौड़ भरी दुनिया में जब यहां कदम रखते हैं, तो ऐसा लगता है जैसे थोड़ी देर के लिए ही सही, पर आत्मा को सच्ची मुक्ति और विश्राम मिल गया हो ।”
     उन्होंने आगे कहा, ” यहां आकर सबसे बड़ी सीख विनम्रता और अनुशासन की मिलती है। आदरणीय साधना दीदी के नेतृत्व में यह कार्य जिस पवित्रता और समर्पण से हो रहा है, वह निश्चित ही प्रभु का विशेष आशीर्वाद है। हम सभी क्षेत्रवासी स्वयं को सौभाग्यशाली मानते हैं कि इस दिव्य स्थान से हमें जुड़ने और सीखने का अवसर मिला है ।”
 
श्री ओम प्रकाश अरोड़ा जी (यूबॉन – कंपनी के बिजनेस ओनर और वरिष्ठ समाजसेवी) ने भी अपने भाव प्रकट करते हुए कहा, ” हमें अपने पूरे परिवार को इस दिव्य ज्ञान से अवगत कराना चाहिए। राजयोग मेडिटेशन से जीवन में आने वाले सकारात्मक परिवर्तन को मैंने स्वयं अनुभव किया है। यह ज्ञान हर घर में प्रसारित होना चाहिए ।”
 
श्री गुलशन नारंग जी (प्रमुख प्रचारक – RSS, कार्यकर्ता – सेवा भारती ) – यहाँ आकर हमने सुना भी हैं और देखा भी हैं की आत्माएं पुराने संस्कार लेकर आती है और यहाँ आकर हम मूल गुणों को और अच्छा करने का प्रयास करते हैं l उसके लिए हमें अपने को समझना है और सनातन धर्म को समझना होगा और उसके लिए इससे बेहतर और कोई जगह नहीं है।
 
     महापौर श्री राजा इकबाल सिंह जी के नवनिर्वाचन के उपलक्ष्य में, सेवाकेंद्र पर केक कटिंग की गई। सभी उपस्थित भाई-बहनों ने बधाइयों और शुभकामनाओं के साथ उनका स्वागत किया तथा उनके उज्ज्वल कार्यकाल के लिए शुभ संकल्प किए। इसके उपरांत सभी विशिष्ट अतिथियों को ‘ईश्वरीय सौगात’ भेंट की गई।

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Dr. Kiran Bedi, Former Lt. Governor inaugurates, ‘Ghar Mera Swarg’ Pre-Launch Pgm

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 ब्रह्माकुमारीज़ किंग्सवे कैंपदिल्ली सेवाकेंद्र में ‘रजत रश्मियां‘ (Silver Jubilee year of ORC) के अंतर्गत

* डॉकिरण बेदी ने किया घर मेरा स्वर्ग‘ प्रोजेक्ट का पूर्वशुभारंभ(Pre-Launch)

* दुनिया को युद्ध से बचाना है तो माताओं को अपने बेटों में बोने होंगे शांति और अहिंसा के बीज – डॉ. किरण बेदी

* तिहाड़ जेल को आश्रम बनाने वाली शक्ति का नाम है ब्रह्माकुमारीज़ – डॉ. किरण बेदी 

ब्रह्माकुमारीज़  ओम् शांति रिट्रीट सेंटर (ORC) की रजत जयंती के उपलक्ष्य में चल रहे ‘रजत रश्मियां’ प्रोजेक्ट के अंतर्गत, अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर ब्रह्माकुमारीज़ किंग्सवे कैंप सेवाकेंद्र, दिल्ली में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस विशेष कार्यक्रम का मुख्य विषय ‘नारी – घर की शक्ति, घर का स्वर्ग’ रहा।

कार्यक्रम में डॉ. किरण बेदी,  पुडुचेरी की पूर्व उपराज्यपाल एवं पूर्व IPS अधिकारी और श्रीमती गीता सहारे, दिल्ली विश्वविद्यालय महिला संघ की अध्यक्ष ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की।

कार्यक्रम का शुभारंभ उपस्थित मातृशक्ति और अतिथियों के सम्मान में प्रस्तुत की गई शानदार सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से हुआ। मनमोहक ‘कत्थक नृत्य’ और सुमधुर ‘संगीत प्रस्तुतियों’ ने कार्यक्रम में एक ईश्वरीय और उल्लासपूर्ण वातावरण का निर्माण कर दिया।

 किंग्सवे कैंप सेवाकेंद्र प्रभारी बी.के. साधना दीदी ने अपने स्वागत वक्तव्य में कार्यक्रम के उद्देश्य पर प्रकाश डाला। उन्होंने उपस्थित मातृशक्ति को संबोधित करते हुए कहा कि जब एक नारी अपनी आंतरिक शक्तियों को पहचान लेती है, तो वह न केवल अपने घर को बल्कि पूरे समाज और इस विश्व को भी  स्वर्ग बना सकती है। दीदी जी ने महिलाओं को आध्यात्मिकता से जुड़कर स्वयं को सशक्त बनाने के लिए प्रेरित किया।

        मुख्य अतिथि डॉ. किरण बेदी ने अपने ओजस्वी विचारों से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने कहा कि, “नारी स्वयं में शांति और अहिंसा का स्वरूप है, तो वहीं वह असीम साहस और शक्ति का भी प्रतीक है।” उन्होंने महिलाओं से आह्वान किया कि वे इन ईश्वरीय गुणों को केवल अपने तक सीमित न रखें, बल्कि भविष्य के कर्णधार अपने बच्चों में — विशेष रूप से बेटों में — शांति, अहिंसा, सत्य, प्रेम और सहनशीलता जैसे उत्कृष्ट संस्कारों का सृजन करें।

ब्रह्माकुमारीज़ के साथ अपने गहरे जुड़ाव को साझा करते हुए डॉ. बेदी ने बताया कि, “तिहाड़ जेल को ‘तिहाड़ आश्रम’ में परिवर्तित करने में ब्रह्माकुमारीज़ संस्था द्वारा मुझे जो सहयोग प्राप्त हुआ, वह अभूतपूर्व और अविस्मरणीय है।”  वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि आज जब संपूर्ण विश्व में हिंसा और युद्धों ने ज़ोर पकड़ा हुआ है, ऐसे समय में ब्रह्माकुमारीज़ द्वारा दिया जाने वाला शांति और अहिंसा का संदेश सम्पूर्ण विश्व के लिए एक बहुत बड़ी प्रेरणा है। उन्होंने यह पूर्ण विश्वास जताया कि ब्रह्माकुमारीज़ के इन पुनीत प्रयासों से जल्द ही इस विश्व में स्वर्ग का अवतरण होगा।

       विशिष्ट अतिथि श्रीमती गीता सहारे ने समाज में समानता के अधिकार (Gender Equality) पर ज़ोर दिया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि हमें अपनी बच्चियों को आगे बढ़ने के लिए हर क्षेत्र में बालकों के समान ही, समान अवसर और प्रोत्साहन देना चाहिए, तभी एक सशक्त समाज का निर्माण संभव है।

इस गरिमामयी अवसर पर डॉ. किरण बेदी के कर कमलों द्वारा ‘घर मेरा स्वर्ग’ अभियान का विधिवत उद्घाटन भी किया गया, जिसके तहत समाज में नारी सशक्तिकरण और पारिवारिक मूल्यों की स्थापना के लिए विभिन्न सेवा कार्य किए जाएंगे।

कार्यक्रम के दौरान ‘घर को स्वर्ग बनाने में महिलाओं की भूमिका’ विषय पर एक विशेष पैनल चर्चा (Panel  Discussion) का भी आयोजन किया गया। इस परिचर्चा में सीनियर कंसलटेंट पीडियाट्रिशियन डॉ. सुमन अरोड़ा, दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति की निजी सचिव (PS) श्रीमती विनोद कपूर, किंग्सवे कैंप सेवाकेंद्र प्रभारी बी.के. साधना दीदी और नारी शक्ति संघ (NSS) कोऑर्डिनेटर श्रीमती हेमा बंसल ने अपने विचार साझा किए। वक्ताओं ने बच्चों के स्वस्थ लालन-पालन, शिक्षा के साथ पारिवारिक मूल्यों के संतुलन और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में नारी के अतुलनीय योगदान पर गहराई से प्रकाश डाला।

      कार्यक्रम के मध्य में राजयोग मेडिटेशन का एक विशेष सत्र आयोजित किया गया। परमपिता परमात्मा की मधुर स्मृति में हुए इस ध्यान-अभ्यास ने पूरे सभागार को एक दिव्य और सकारात्मक ऊर्जा से भर दिया। उपस्थित सभी अतिथियों व मातृशक्ति ने कुछ पलों के लिए असीम शांति का अत्यंत सुखद अनुभव किया।

 

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Run for Mother Earth- Brahma Kumaris – Kingsway Camp, Delhi

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Run for Mother Earth Registration :

 

Brahma Kumaris – Kingsway Camp, Delhi Branch* is hosting a massive *Run-a-thon* , and you’re invited to be part of the movement.
Whether you run for fitness, for peace, or just for the fun of it—let’s hit the pavement together!
The Details:
📅 When: Sunday, 19th April 2026
📍 Where: Brahma Kumaris
Shanti Bhavan, Plot No. 2-3, Outram Lines, Nr. H. No. 1827, Kingsway Camp, Delhi
🗺️Google Map Address of Venue: https://share.google/k0vMFZX6QUHPHxjaU
⏰ Time: 5 AM
🎂 Age Group: 16-55 yrs
💵 Registration fees: Free of Cost
Let’s turn miles into smiles and sweat into strength. 🌟
🔗 Register Now:
For further queries, you may contact:
+91 92104 83073
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89th Trimurti Shiv Jayanti Celebrations – Shri Surya Prakash Khatri ji, MLA

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इस शुभ अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में तिमारपुर विधानसभा क्षेत्र के नवनिर्वाचित विधायक श्री सूर्य प्रकाश खत्री जी का आगमन हुआ। इसके अतिरिक्त आउट्रम लेंस, किंग्सवे कैंप, RWA फेडरेशन के अध्यक्ष श्री अजय बुद्धिराजा, श्री ओम प्रकाश अरोड़ा (Owner – UBON Company), श्री जगदीश सहगल (पूर्व कमिश्नर, एक्साइज एंड कस्टम्स), श्री गुलशन नारंग (प्रमुख समाजसेवी और व्यापारी), श्री विजय अग्रवाल (समाजसेवी) सहित कई गणमान्य अतिथियों ने अपनी उपस्थिति से कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।
 
आदरणीय राजयोगिनी बी.के. आशा दीदी जी, Director, Omshanti Retreat Centre, गुरूग्राम का विशेष संदेश :
 
कार्यक्रम के दौरान फोन कॉल के माध्यम से आदरणीय राजयोगिनी बी.के. आशा दीदी जी ने किंग्सवे कैंप, मुख्य सेवाकेंद्रHoly House, मुखर्जी नगर, उप सेवाकेन्द्र और Light House, हडसन लेन उप सेवाकेन्द्र के सभी भाई-बहनों को त्रिमूर्ति शिव जयंती की शुभकामनाएँ दीं और इस दिवस के महत्व को समझाया। उन्होंने कहा, “आज का दिन वाकई अद्भुत है, जिसे पूरे विश्व में ब्रह्मावत्स दिव्य प्रेम और श्रद्धा के साथ मना रहे हैं। यह सिर्फ शिव बाबा का ही नहीं, बल्कि हम सभी आत्माओं का भी जन्मदिवस है, क्योंकि जब परमात्मा शिव इस धरती पर अवतरित होते हैं, तब हमें हमारी सच्ची आत्मिक पहचान देते हैं।”
 
आगे उन्होंने कहा कि जब परमात्मा इस धरा पर आते हैं, तो हमें अंधकार से प्रकाश, असत्य से सत्य और मृत्यु से अमरत्व की ओर ले जाते हैं। वे हमें जीवन जीने की कला सिखाते हैं और यही उनका सबसे बड़ा उपहार है। इस अवसर पर हमें शिव बाबा को भी एक उपहार देना चाहिए – और वह है हमारा सदा खुशनुमा चेहरा। हमें अपने चेहरे को सदा आनंदित रखना है और सभी को खुशी बांटनी है।
 
मुख्य अतिथि – श्री सूर्य प्रकाश खत्री जी  ने कहा कि भगवान ने मुझे जीवन में बहुत कुछ दिया—अच्छी सुविधाएँ, अवसर और संसाधन। अब समय आ गया है कि मैं उसे लौटाऊँ। परमात्मा ने अपना कर्तव्य निभाया, अब मेरी आत्मा का धर्म है कि मैं सोचूं “भाई, तुझे इतना कुछ मिला, अब तूने समाज को क्या दिया? अब मेरा संकल्प है कि मैं अपना जीवन नर सेवा, समाज सेवा और मानव सेवा को समर्पित करूं।”
साथ ही आपने संस्थान के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि ब्रह्माकुमारीज़ जैसी संस्थाओं के प्रयासों के कारण ही समाज में नैतिकता और शांति बनी हुई है। उन्होंने कहा, “आज दुनिया में पाप, भ्रष्टाचार और मानसिक तनाव बढ़ रहा है, लेकिन ब्रह्माकुमारीज़ इस धरती पर आध्यात्मिक ज्योति जलाए हुए हैं। यह संस्था समाज और देश को बचाने का एक महान कार्य कर रही है। मैं शिव बाबा से प्रार्थना करता हूँ कि मैं हमेशा सत्य के मार्ग पर अडिग रहूं और समाज सेवा के कार्य में तत्पर रहूं।”
 
शिवरात्रि का आध्यात्मिक रहस्य – बी.के. साधना दीदी
 
         बी.के. साधना दीदी ने शिवरात्रि के आध्यात्मिक रहस्य को स्पष्ट करते हुए कहा कि हम शिवजी को अक्–धतूरा का फूल चढ़ाते हैं, जबकि अन्य देवी-देवताओं को सुंदर-सुंदर पुष्प अर्पित किए जाते हैं। इसका गहरा आध्यात्मिक अर्थ यह है कि हमें अपने भीतर की कड़वाहट और नकारात्मकता को समाप्त करना है। काम, क्रोध, लोभ, मोह और अहंकार रूपी अक् धतूरे को शिव को समर्पित करना ही सच्ची शिवरात्रि मनाना है।
        उन्होंने आगे बताया कि सर्व आत्माओं के पिता केवल एक हैं – परमात्मा शिव। उनका स्वरूप ज्योतिर्बिंदु (अलोकिक प्रकाश) है। उन्हें त्रिदेव और त्रिमूर्ति भी कहा जाता है, क्योंकि वे ही ब्रह्मा, विष्णु और शंकर के रचयिता हैं। अंग्रेजी में G.O.D का तात्पर्य जनरेटर (Brahma), ऑपरेटर (Vishnu), और डिस्ट्रॉयर (Shankar) से लिया जाता है। उनका दिव्य नाम शिव है, जो कल्याणकारी है, और उनका स्वरूप ज्योतिर्बिंदु, उनका दिव्य धाम परमधाम है, जहां से वे इस कलियुगी रात्रि में प्रजापिता ब्रह्मा की तन में अवतरित हो हमें हमारी पहचान और इस कलयुग को सतयुग में परिवर्तन करने का श्रेष्ठ कार्य करते हैं।
       शिवरात्रि पर व्रत रखने का भी गूढ़ आध्यात्मिक अर्थ यही है कि हम काम, क्रोध, लोभ, मोह, अहंकार, नफरत और ईर्ष्या जैसे विकारों का सच्चा व्रत लें। पवित्रता का व्रत सबसे श्रेष्ठ व्रत है, जिसमें हमारे हृदय में सभी के प्रति शुभ भावना और स्नेह बना रहे। प्रत्येक आत्मा विशेष और अमूल्य है, इसलिए हमें सभी को सम्मान और प्रेम देना चाहिए।
 
ध्वजारोहण एवं शुभ संकल्प:
 
शिव बाबा के अवतरण दिवस पर परमात्म ध्वजारोहण बड़े उमंग-उत्साह के साथ किया गया। सभी श्रद्धालुओं ने ध्वज के नीचे खड़े होकर नारे लगाए और शुभ संकल्प लिए कि वे जीवन में सत्यता, निर्भयता और आध्यात्मिकता को अपनाएंगे। साथ ही, उन्होंने बुरी आदतों, नकारात्मक सोच और आसुरी प्रवृत्तियों से मुक्त रहने का संकल्प लिया।
 
सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ :
 
        कार्यक्रम में गीत-संगीत, नृत्य एवं लघु नाटिका का आयोजन किया गया, जिसमें कलाकारों ने परमात्मा शिव के धरा पर अवतरण, उनके दिव्य कार्य और सतयुग की स्थापना का भावपूर्ण चित्रण किया। बी.के. तारा बहन ने उपस्थित श्रद्धालुओं को राजयोग मेडिटेशन का गहरा अनुभव कराते हुए आंतरिक शांति और दिव्य ऊर्जा का एहसास करवाया।
 
शिव जयंती के इस दिव्य आयोजन का समापन परमात्म भोग एवं वरदान प्राप्ति के साथ हुआ। सभी उपस्थित भाई-बहनों ने आध्यात्मिक अनुभव, ज्ञान और आनंद से परिपूर्ण इस अद्भुत दिवस का लाभ उठाया। ब्रह्माकुमारीज़ परिवार ने इस शुभ अवसर पर आए सभी गणमान्य अतिथियों, समाजसेवियों और श्रद्धालुओं का हृदय से आभार व्यक्त किया।
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Brahma Kumaris Kingsway